वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया ऐलान, तीसरे दौर में होगी 6 और हवाई अड्डों की नीलामी

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित आर्थिक पैकेज के चौथे चरण के संबंध में विस्तार से प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दीं। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने कहा कि सिविल एविएशन सेक्टर को लेकर सरकार तीन कदम उठाने जा रही है। इसमें एक पीपीपी मॉडल पर हवाई अ्डडों को डेवलप करना, दूसरा एमआरओ को देश में शुरू करना और तीसरा एयर स्पेस को ज्यादा खोलने की शुरुआत होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार जल्द ही सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत छह और हवाई अड्डों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू करेगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि देश के 12 एयरपोर्ट के लिए पहले चरण में प्राइवेट कंपनियों की ओर से 13 हजार करोड़ रुपए इनवेस्ट किए जाने की संभावना है।

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उन्होंने कहा कि इस तरह कुल 12 हवाई अड्डों में निजी कंपनियों से लगभग 13 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश प्राप्त होगा। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण पहले ही सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत परिचालन और रखरखाव के लिये पेश किये गये छह हवाई अड्डों में से तीन को निजी कंपनियों को सौंप चुकी है। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत विमान रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल का केंद्र बनेगा। इसके लिए टैक्स व्यवस्था को पहले से और युक्तिसंगत बनाया जाएगा। विमान कंपोनेंट की मरम्मत और एयरफ़्रेम रखरखाव को 3 साल में 800 करोड़ रुपये से 2000 करोड़ रुपये तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में एयरस्पेस को ज्यादा खोलने की योजना पर काम हो रहा है। एयर स्पेस खोलने से उड़ानों का समय होगा, इससे लोगों का समय बचेगा। साथ ही उड़ानों पर खर्च होनेवाले ईंधन की भी बचत होगी। इसके लिए सरकार मिलिट्री के साथ बात करके इसे सुलझाएगी। बता दें कि देश के कई इलाकों में मिलिट्री एरिया होने से उन इलाकों में विमानों की आवाजाही पर पाबंदी रहती है। इस वजह से विमानों को घूम कर जाना होता है। इससे 1,000 करोड़ रुपए का फायदा हो सकता है। पर्यावरण के बचाव में भी सहयोग मिलेगा।

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वित्त मंत्री ने कहा कि रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता लाने के लिए मेक इन इंडिया को बल देना जरूरी है। भारत ने इस दिशा में कई कदम उठाए हैं। सुधार के साथ एक टैरिफ नीति जारी की जाएगी, जिसमें उपभोक्ता अधिकार, उद्योग को बढ़ावा देना और इस फिल्ड की स्थिरता को ध्यान रखा जाएगा। सीतारमण ने कहा कि तीसरे दौर की नीलामी में भी छह अन्य हवाईअड्डे पेश किये जायेंगे। सरकारी नियंत्रण वाली एएआई देश में 135 से अधिक हवाई अड्डों का प्रबंधन करती है। इनमें से लगभग 110 हवाई अड्डे परिचालन में हैं। पिछले साल सरकार ने पीपीपी मॉडल के माध्यम से छह हवाई अड्डों – लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर, मंगलुरु, तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी के संचालन, प्रबंधन व विकास के लिये बोलियां मंगायी थी।

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