कोरोना : BSF के हवाले अहमदाबाद, BJP ने दिल्ली और केरल से मांगी डॉक्टरी मदद, गुजरात पर कोरोना का कहर

0
139
gujrat model

देश में कोरोना वायरस की रफ्तार तेज होती जा रही है। कोरोना वायरस की चपेट में आने वालों के मामलों में गुजरात ऐसा राज्य बनकर उभरा है, जो दूसरे नंबर पर है। देश के कोरोना के मामले सबसे ज्‍यादा महाराष्‍ट्र के बाद गुजरात से सामने आ रहे हैं। अहमदाबाद में अभी तक अकेले 3543 कोरोना केस आए हैं। गुजरात में 182 मौतें सिर्फ पिछले छह दिनों में हुई हैं। मतलब कुल मौतों की 46 फीसदी मौतें पिछले छह दिनों में हुई हैं। कुल मृत्यु का आंकड़ा 6 मई को 396 तक पहुंच गया है गुजरात के अहमदाबाद का अकेले का यह आंकड़ा देश के बाकी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना के कुल मामलों से ज्यादा है। अगर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का आंकड़ा देखें तो अहमदाबाद कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित दिखता है। गुजरात में कोविड-19 महामारी ने निपटने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से मदद मांगी है।
इस संबंध में मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर उनसे दिल्ली के तीन विशेषज्ञों को इलाज की तकनीक की जांच करने और कोरोनावायरस संक्रमण के कारण होने वाले मामलों और मौतों की जांच करने में मदद करने का अनुरोध किया है। गुजरात के कुल केस में से 70 फीसदी अकेले अहमदाबाद में दर्ज हुए हैं। वहा लगभग कर्फ्यू लगा दिया है इस आदेश को सख़्ती से लागू करने के लिए शहर में पैरामिलिट्री के जवानों को उतारा गया है।
अहमदाबाद में पैरामिलिटरी फोर्स की 38 कंपनियां सड़कों पर गश्त कर रही हैं। इनमें BSF और CISF की कंपनी केंद्र की ओर से भेजी गई है।

ये भी पढ़ें:- मई तो शुरुआत है, जून-जुलाई में चरम पर पहुंच सकती है कोरोना का संक्रमण’ : एम्स के डायरेक्टर की चेतावनी

आज अहमदाबाद के हालात यह है कि कई मरीज अस्पताल आने के 30 मिनट के अंदर ही दम तोड़ रहे हैं। ऐसी परिस्थतियो को देखते हुए कल रात निर्णय लिया गया है कि दवा और दूध को छोड़कर क्षेत्र में सभी दुकानों को 7 दिनों के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया है। कोरोना से गुजरात के हालात दिन पर दिन खराब होते जा रहे हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने फैसला किया है कि अहमदाबाद में पैरा मिलिट्री की 7 कंपनियां गस्त लगायेंगी। लॉकडाउन का सख्ती से पालन करवाने के लिए BSF की 6 और CISF की एक कंपनी लगाई गई है। अहमदाबाद में स्थिति का विश्लेषण करने के लिए बाहरी विशेषज्ञों को बुलाने की आवश्यकता पर आईसीयू का प्रबंधन करने वाले एक वरिष्ठ प्रफेसर ने कहा कि वह रोज हो रही मौतों से निराश हैं, हो सकता है नए इलाज से कुछ बदलाव हो। उन्होंने कहा कि कई मरीज अस्पताल आने के 30 मिनट के अंदर ही दम तोड़ रहे हैं। अहमदाबाद मेडिकल असोसिएशन की अध्यक्ष, डॉ. मोना देसाई ने कहा, हमें खुशी है कि सरकार ने अब प्रोटोकॉल में बदलाव किया है और सिविल और अन्य अस्पतालों में गहन देखभाल विशेषज्ञों का उपयोग कर रही है। हमें उम्मीद है कि विशेषज्ञों की सलाह से स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सकता है। संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल पटेल, जो सरकार की सलाह और मदद भी कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि अन्य विशेषज्ञों की मदद से डॉक्टरों और अन्य मेडिकोज का आत्मविश्वास बढ़ता है। सुझाव यह भी दिया गया है कि शहर और राज्य केरल से डॉक्टरों को बुलाकर भी सेवाएं लेंगे।

ये भी पढ़ें:- गुजरात में Lockdown में खाना ढूंढते हुए स्कूल में घुस गया एक शेर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here