अयोध्या में हत्याकांड से नाराज ग्रामीणों ने BJP विधायक को दौड़ाया, गन्ने के खेत में भागकर बचाई जान

0
151
ayodhya murder

उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में एक बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में भाजपा से जुड़े ग्राम प्रधान की हत्या के बाद अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे भाजपा विधायक बाबा गोरखनाथ को जनता के आक्रोश को झेलना पड़ा। ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार में शामिल होने आए बीजेपी विधायक बाबा गोरखनाथ को मौके से खदेड़ दिया। लोगों ने उन्हें खदेड़ लिया तो विधायक को गन्ने के खेत से होते हुए अपनी जान बचाकर भागना पड़ा। मौके पर मौजूद पुलिस वालों ने उन्हें सुरक्षित भीड़ से बचाया। इसके बाद विधायक गाड़ी में सवार होकर निकल गए।

ये भी पढ़ें:- पुलिस के सायरन के साथ दुल्हन की डोली पहुंची ससुराल

दरअसल, बाबा गोरखनाथ बीजेपी के एक नेता की हत्या के बाद उसकी अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए आए थे। इस दौरान नाराज गांव वालों ने उन्हें अपशब्द कहते हुए खदेड़ दिया। जानकरी के मुताबिक, इस घटना का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस दौरान बाबा गोरखनाथ को अपनी जान बचाने के लिए गन्ने के खेत से होते हुए भागना पड़ा। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस में किसी तरह गांव वालों के गुस्से से बचाकर उनको सुरक्षित स्थान पर निकाला। इसके बाद विधायक गाड़ी में सवार होकर निकल गए।

ये भी पढ़ें:- बीमार था बेटा, पिता ने चारपाई से बनाया स्ट्रेचर और कंधे पर लादकर 900 KM पैदल चल दिए घर

अयोध्या जिले में सोमवार को इनायतनगर थाना इलाके के पलिया प्रताप शाह गांव में भाजपा से जुड़े ग्राम प्रधान जयप्रकाश सिंह व उनके पंचायत चुनाव में उम्मीदवार रहे राम पदारथ यादव के बीच गांव की एक पंचायत में वाद विवाद शुरू हो गया। जिसके बाद दोनों के गुटों में गोलियां चलीं। इसमें प्रधान जयप्रकाश सिंह व राम पदारथ यादव को एक दूसरे के विपक्षी गुटों ने गोली मारकर हत्या कर दी। राम पदारथ यादव की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। घायल प्रधान जयप्रकाश सिंह को जिला अस्पताल लाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। भाजपा नेता जय प्रकाश सिंह का शव जब पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा तो विधायक बाबा गोरखनाथ अंतिम संस्कार में पहुंच गए। कहा जा रहा है कि मौके पर मौजूद भाजपा सांसद लल्लू सिंह के समर्थकों ने मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक बाबा गोरखनाथ को अपशब्द बोलते हुए दौड़ा दिया। इसके बाद बाबा गोरखनाथ गन्ने के खेत से होते हुए भागने में ही अपनी भलाई समझी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here