Covid-19: पूर्णबंदी के दौरान चोरी-चुपके शराब पहुंचाने की कोशिश,शराब की कीमत में बढ़ोतरी दूध की कीमत में आई कमी

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सरकार ने Coronavirus के खतरे को देखते हुए जहां एक और लॉकडाउन को दो हफ्ते के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है।वहीं इस बार बढ़ाए गए लॉकडाउन में कई रियायतें भी दी गई है। इनमें शराब की बिक्री को भी मंजूरी दी गई है।
इसी बीच पूर्णबंदी के दौरान दिल्ली में शराब की तस्करी में भारी पैमाने पर इजाफा हुआ है। दिल्ली पुलिस के एक ताजा रिपोर्ट से तो यही खुलासा हुआ है। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, एक अप्रैल से 15 अप्रैल तक दिल्ली में शराब की तस्करी के कुल 147 मामले दर्ज हुए जिसमें 155 लोगों की गिरफ्तारी हुई और 18 हजार 556 बोतल शराब जब्त की गई।

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कोरोना वायरस की वजह से पूरे देशभर में लॉकडाउन जारी है। जरुरत के सामान की चीजों को छोड़कर सभी कुछ बंद हैं। यहां तक की ट्रेनें, बस और हवाई यात्रा भी सरकार की तरफ से बंद की हुई है। लोगों से घरों में कैद करने की अपील केंद्र व राज्य सरकारें कर रही है।लेकिन, लॉकडाउन में अवैध शराब का कारोबार करने वालों की चांदी हुई है। शराब न मिलने की वजह से बेवड़े अवैध कारोबार करने वालों से शराब खरीद रहे हैं।वह भी कई गुना रेट पर। सूत्रों की माने तो देशी और अंग्रेजी शराब के ठेकों से स्टॉक खत्म होने के बाद कच्ची शराब का धंधा भी फल-फूल रहा है।वहीं, दूध के दाम में गिरावट दिखाई दे रही है। अगर देहात की बात करें तो 6 से 8 रुपये प्रति किलो तक दूध के दाम कम हुए हैं। शहरी क्षेत्रों में मजदूर, कर्मचारी व अन्य के अपने गांव लौटने की वजह से बिक्री में कमी आई हैं।

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राजधानी दिल्ली में पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश और हरियाणा के लगे होने से शराब की तस्करी सालों भर चलती रहती है।
शराब की तस्करी का एक बड़ा भंडाफोड़ और गिरफ्तारी तब हुई जब मंगलवार को नजफगढ़ में एक महिला अपने घर में शराब का ठेका बनाकर पूर्णबंदी में लोगों को उपलब्ध करा रही थी।बागपत, गौतमबुद्ध नगर, मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों में कच्ची शराब का कारोबार बढ़ा है। सूत्रों की माने तो अधिकतर ठेके खाली हो गए है। लॉकडाउन में जमकर शराब बेची जा रही है। जानकारों की माने तो लॉकडाउन के शुरूआत में अंग्रेजी व देशी शराब की जमकर अवैध बिक्री की गई। वहीं, कच्ची शराब का कारोबार भी फल-फूल रहा है। महंगी मिलने की वजह से कच्ची शराब की बिक्री भी जोरों पर है।

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