मुंबई के सायन अस्पताल में लापरवाही शवों के बीच चल रहा कोरोना मरीजों का इलाज,वीडियो से मचा हड़कंप

0
114
sion hospital

पूरे देश में कोरोना वायरस (Corona virus) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र (coronavirus in maharashtra) राज्य संक्रमित मामलों में सबसे ऊपर है। राज्य के सर्वाधिक कोरोना पॉजिटिव मरीज मुंबई में हैं। मुंबई की भयावह स्थिति के बावजूद यहां लापरवाही कम होने का नाम नहीं ले रही है।यहां के सायन अस्पताल में कोरोना के मरीजों के मामले में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां के इमरजेंसी वॉर्ड में मरीजों के पास संक्रमण मारे गए लोगों के शव भी रखे जा रहे थे।मरीज और उनके परिजन ने अस्पताल प्रबंधन से शिकायत भी की, लेकिन इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब वीडियो वायरल हो गया।

coronavirus in maharashtra

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लापरवाही को लेकर लोग तीखी प्रतिक्रिया कर रहे हैं। बीजेपी नेता नीतीश राणे ने भी वीडियो ट्वीट किया है। नितेश राणे ने वीडियो को अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा, ” यह कैसा एडमिनिस्ट्रेशन है बेहद शर्मनाक।” वीडियो में दावा किया गया कि कोरोना वार्ड में लाश घंटों तक पड़ी रही और बगल के बेड पर इलाज चल रहा है।एक दो नही बल्कि कोरोना मरीजों के बगल में कई शव दिख रहे हैं। यह अति है। यह कैसे प्रशासन है। बहुत ही शर्मनाक बात है।इस मामले में अस्पातल के डीन ने स्वीकार किया है कि यह वीडियो उन्हीं के अस्पताल का है। रिश्तेदार शवों को ले जाने के लिए नहीं आ रहे हैं, इसलिए हमने उन्हें वहां रखा था।

coronavirus in maharashtra
इस घटना पर पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा,’सायन हॉस्पिटल में हुई यह घटना बेहद गंभीर है। शव के बगल में कोरोना संक्रमित मरीज का इलाज जारी रखना एक गंभीर बात है।डीन ने कहा कि जिन कोरोना मरीजों की मौत हुई उनमें से कई के परिवार के सदस्यों का इलाज दूसरे वार्ड में चल रहा है. जिसमें कुछ गंभीर भी हैं।कई बार मृत शख्स के परिजन 5 मिनट में लौटने की बात कहकर चले जा रहे हैं और फोन बंद कर दे रहे हैं। पुलिस ऐसे परिजनों की तलाश करती है पर इसमें समय लगता है।उन्होंने कहा कि मृत शरीर को लेकर राज्य सरकार या महानगरपालिका की नियमावली स्पष्ट नहीं थी। एक हफ्ते पहले बताया गया की शव को तत्काल अंतिम संस्कार किया जाए।उन्होंने कहा कि जिन वार्ड में शव रखा गया है उसी वार्ड में मरीजों का इलाज चल रहा है क्योंकि दीवारों से लगकर ऑक्सीजन लाइन उसी वार्ड में बेड ने नजदीक उपलब्ध हैं। मरीजों को वेंटिलेटर या ऑक्सीजन पर रखा गया है।अगर उन्हें उस वार्ड से हटाया गया तो दो या तीन लोगों की जान जा सकती है। शवगृह की जितना क्षमता है उससे ज्यादा संख्या में शव कमरे में रखे गए हैं।

sion
sion hospital

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here