कड़ाके की ठंड और बारिश के बावजूद किसानों के हौसले बुलंद, राशन भीगा, ठंड में कांपे पर विरोध नहीं रुका

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farmers protest

केंद्र के नए कृषि कानूनों (New Farm Laws) के खिलाफ पिछले एक महीने से भी अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे तथा दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों की मुश्किलें रातभर हुई बारिश ने बढ़ा दीं. नए कृषि कानूनों (New Farm Laws) के खिलाफ दिल्ली के बॉर्डर पर डटे किसान किसी भी कीमत पर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं. कड़ाके की ठंड के बीच अब बारिश भी उनके सब्र का इम्तिहान ले रही है. लगातार बारिश होने से आंदोलन स्थलों पर जलजमाव हो गया है. आंदोलनकारियों ने जैसे-तैसे ट्रालियों और तिरपाल के नीचे छिपकर अपना बचाव किया. शनिवार को हुई बारिश के बाद से ही बॉर्डर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सीमाओं पर पहुंचर किसानों की मदद में जुटे हैं. राजधानी दिल्ली और आसपास के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई. ऐसे में पहले ही कंपकपाने वाली ठंड में प्रदर्शन कर रहे किसानों (Farmers Protest) को ठंडी बौछारों का भी सामना करना पड़ा.

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हालांकि इन सबके बावजूद उनका डिगा नहीं है और किसान संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार को अल्टिमेटम भी दे दिया है. चार जनवरी (सोमवार) को किसान संगठनों और सरकार के बीच बैठक होनी है. इससे पहले, 30 दिसंबर को बातचीत हुई थी, जिसमें दो मुद्दों पर बात बनी है. टिकरी बॉर्डर, सिंघु बॉर्डर और चिल्ला बॉर्डर समेत अन्य जगहों पर किसान धरने पर बैठे हैं. बारिश और सर्दी के बीच गाजीपुर (दिल्ली-यूपी बॉर्डर) में चल रहा किसानों का धरना प्रदर्शन आज 37वें दिन में पहुंच गया. सिंघू बॉर्डर पर डटे गुरविंदर सिंह ने कहा कि कुछ स्थानों में पानी भर गया है और समुचित जन सुविधाएं नहीं हैं. उन्होंने कहा, ‘‘अनेक समस्याओं के बावजूद भी हम यहां से तब तक नहीं हिलने वाले जब तक कि हमारी मांगे पूरी नहीं हो जातीं.’’ संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसान नेता अभिमन्यु कोहर ने रविवार को कहा, ‘बारिश की वजह से प्रदर्शन स्थलों पर हालात बहुत खराब हैं, यहां जलभराव हो गया है. बारिश के बाद ठंड बहुत बढ़ गई है लेकिन सरकार को किसानों की पीड़ा नजर नहीं आ रही.’

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