हाथरस: गैंगरेप पीड़िता दलित युवती ने दिल्ली में अस्पताल के बिस्तर पर दम तोड़ा

0
107
hathras

यूपी के हाथरस में दो हफ्ते पहले दुष्कर्म और प्रताड़ना का शिकार बनी 20 साल की पीड़िता की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई. उत्तर प्रदेश के हाथरस की बेटी करीब 15 दिन से अस्पताल में जिंदगी मौत की लड़ाई लड़ रही थी लेकिन दरिंदगी के घाव इतने गहरे थे कि वह भर नहीं पाए. चंदपा थाना क्षेत्र की रहने वाली दलित युवती के साथ 14 सितंबर को गैंगरेप की घटना हुई थी. गैंगरेप के बाद ऊसके उपर जानलेवा हमला किया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक हाथरस के चंदपा इलाके में 14 सितंबर को उच्च जाति के चार दंबगों ने दलित परिवार की बेटी का गैंगरेप किया. गैंगरेप के बाद उसे अलीगढ़ के जेएन मेडिकल में भर्ती कराया गया था. वहीं कल ही उसे सफदरजंग रेफर किया गया था, जहां उसकी मौत हो गई. गैंगरेप की घटना के बावजूद स्थानीय पुलिस ने केस में ले लापरवाही बरती। घटना के दो दिन बाद गैंगरेप का केस दर्ज किया गया. पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पीड़िता के साथ दरिंदों ने इतनी बेरहमी दिखाई कि उसकी जीभ काट डाली वहीं उसके शरीर की कई हड्डियाँ भी तोड़ दी.

ये भी पढ़ें:- अयोध्या के बाद अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि का मामला पहुंचा कोर्ट, शाही मस्जिद हटाने की मांग

पुलिस अधीक्षक विक्रांतवीर के मुताबिक युवती ने बलात्कार की वारदात के बारे में पुलिस को पहले कुछ नहीं बताया था मगर बाद में मजिस्ट्रेट को दिए गए बयान में उसने आरोप लगाया कि संदीप, रामू, लव कुश और रवि नामक युवकों ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया और विरोध करने पर जान से मारने की कोशिश करते हुए उसका गला दबाया.
मामला जब सोशल मीडिया पर उठाया गया तब पूरा शासन प्रशासन इसको फर्जी बताने में जुट गया. आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर रावण के अलीगढ़ पहुंचने पर सरकार नींद से जागी. करीब 15 दिन बाद हाथरस की बेटी को दिल्ली के सफदरजंग में भर्ती कराया लेकिन तब बहुत देरी हो चुकी थी. सूबे में नाकामी छुपाते प्रशासनिक अधिकारी और अपराधी दोनों इस बेटी के मौत के जिम्मेदार है. रविवार की देर शाम भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने मांग कि, ‘इस मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाये और परिजनों को सुरक्षा प्रदान कराई जाये तथा उन्हें किसी सुरक्षित स्थान पर भेजा जाये. आजाद ने परिजनों को एक करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता और हथियार का लाइसेंस प्रदान करने की भी मांग की है.’

ये भी पढ़ें:- तेजस्वी यादव का बड़ा वादा- पहली कैबिनेट में पहली कलम से बिहार के 10 लाख युवाओं को देंगे जॉब

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here