Indian Railway: 17 मई तक ट्रेन सेवा रद, केवल प्रवासियों के लिए ‘श्रमिक स्‍पेशल’ ट्रेनों को मंजूरी

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कोरोना महामारी के कारण देश में लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से अलग-अलग राज्‍यों में फंसे लोगों के लिए केंद्र सरकार ने 6 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने की अनुमति दे दी है।कोरोना वायरस की महामारी से लागू देशव्यापी लाकडाउन में डेढ़ महीने से विभिन्न राज्यों मे फंसे प्रवासी मज़दूरों, छात्रों, पर्यटकों को निकालने के लिए रेलवे ने शुक्रवार को स्पेशल ट्रेनों को हरी झंडी दिखा दी। पहली ट्रेन शुक्रवार को सुबह हैदराबाद से झारखंड के हटिया स्टेशन के लिए चली। उसके बाद अन्य गंतव्यों के लिए अतिरिक्त पांच ट्रेनें चलीं। जिन राज्यों के लिए ट्रेनें छूटी हैं उन्हें झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उड़ीसा प्रमुख है।

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कोरोना महामारी के कारण तीसरी बार लॉकडाउन बढ़ाने के साथ ही रेलवे ने साफ किया कि 17 मई तक सभी यात्री सेवाएं रद रहेंगी।हालांकि, इस दौरान श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के जरिए दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों, छात्रों, पर्यटकों, श्रद्धालुओं और अन्य लोगों को उनके गृह राज्य पहुंचाया जाएगा।इस दौरान फ्रेट और पार्सल गाड़ियों का संचालन भी जारी रहेगा। रेलवे ‘श्रमिक स्पेशल ट्रेन’ चला कर घर से दूर हुए लोगों को उनकी मंजिल तक पहुंचाना सुनिश्चित करेगी।
रेलवे के अनुसार ये विशेष ट्रेने राज्य सरकारों के अनुरोध पर तय किये गये स्थान से दूसरे स्थान तक जाएगी।

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रेलवे और राज्य सरकारें इन विशेष ट्रेनों के समन्वय और सुचारू संचालन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगी।इन ट्रेनों में सवार होने से पहले आवागमन करने वाले यात्रियों की राज्यों द्वारा जांच करना जरुरी होगा। केवल स्वस्थ पाए जाने वालों को ही यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी। राज्य सरकारों को ऐसे लोगों के समूह बनाने के बाद ही रेल यात्रा का मौका दिया जाएगा।लॉकडाउन के बीच स्पेशल ट्रेन चलाए जाने की अनुमति के बाद रेलवे ने लोगों से अपील की है। रेलवे ने कहा, मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि कृपया जनता को स्पष्ट करें कि ये स्पेशल ट्रेनें राज्य सरकार द्वारा पहचान किए गए और पंजीकृत लोगों के लिए चलाई जा रही हैं। इन लोगों के अलावा किसी भी परिस्थिति में अन्य लोगों को ट्रेन की तलाश में रेलवे स्टेशन नहीं आना चाहिए।

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