बेबसी की तस्वीर: चप्पलें घिस गईं, भगदड़ में छूटे जूते-चप्पल, प्लास्टिक की बोतलें पैरों में बांधकर घर की ओर चलने को मजबूर हुए मजदूर

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वैश्विक महाविनाशी महामारी कोरोना वायरस के कारण पूरे देश में लॉकडाउन है। लॉकडाउन के कारण लोग जहां-तहां फंसे हुए हैं। अपने घरवालों से मिलने के लिए तड़प रहे हैं। कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर और लॉकडाउन की आफत के बाद अपने घर लौटते मजदूरों की तस्वीरें आम हो चली हैं। रोजी-रोटी के लिए अपने घरों से दूर रहने वाले हजारों मजदूर लॉकडाउन होने के बाद अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो रहे हैं। हाथों में थैला है और आंखों में उम्मीद कि जिंदगी का यह इम्तिहान भी वे किसी तरह से निकाल ही लेंगे। शहरों से मजदूर साधन न उपलब्ध होने की वजह अपने-अपने घरों के लिए पैैदल ही पलायन कर रहे हैं। ताकि जल्दी से जल्दी घर पंहुच सके। मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब समेत देश के अलग-अलग राज्यों से प्रवासी मजदूर लंबी दूरी पैदल ही अपने घरों के लिए तय कर रहे हैं। इस बीच बेबसी की एक तस्वीर हरियाणा के अंबाला से सामने आई हैं।

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पंजाब से चल कर हरियाणा पहुंचे में प्रवासी मजदूर अंबाला की सड़कों पर बिना चप्पलों के दिखे। किसी की चप्पलें घिस गईं तो पुलिस के खदेड़ने के बाद कुछ मजदूरों की चप्पलें छूट गईं। इसके बावजूद भी उन्होंने हार नहीं मानी और पानी की बोतलों को पैरों में बांधकर उसी को ही चप्पल बना लिया और तमाम कठिनाइयों को सहते हुए भी वे घरों की ओर जा रहे हैं। दरअसल, लॉकडाउन के बाद बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर पंजाब से हरियाणा की ओर पलायन कर रहे हैं।
जिसमें ज्यादातर मजदूरों के पास लॉकडाउन पास नहीं था। जिस वजह से अंबाला पुलिस ने उन्हें नेशनल हाईवे पर रोककर खदेड़ दिया। अपने घर-परिवार गांव जा रहे प्रवासी मजदूर जब पैदल ही नेशनल हाइवे पर चलने लगे तो अंबाला पुलिस ने मजदूरों को वापस पंजाब की तरफ खदेड़ा। पुलिस की मार के डर से वहां पर भगदड़ मच गई। फिर इसी भगदड़ में कई प्रवासी मजदूरों के जूते-चप्पल सड़क पर ही छूट गए जबकि कुछ लोगों के पैदल चलते हुए जूते-चप्पल घिस गए और उन्हें तपती धूप में पैदल ही चलना पड़ा। लेकिन मजदूरों ने तब भी हार नहीं मानी और पानी की बोतलों को पैरों में बांधकर उसी को ही चप्पल बना लिया और मंजिल की ओर चल पड़े। लॉकडाउन की इस दर्दनाक दास्ता के बारे में जब अंबाला विधायकों को सूचना मिली की मजदूर पैर में पानी की बोतल ही बांधकर चल रहे हैं तो उन्होंने तुरंत मजदूरों के लिए चप्पल की व्यवस्था करवाई। इतना ही नहीं उन्होंने पैदल जा रहे मजदूरों को चप्पल के अलावा नाश्ते का भी इंतजाम करवाया। इसके बाद विधायक ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से भी बात की और हाइवे से मजदूरों को जाने की अनुमति दिलाई। जिससे सैकड़ों मजदूर अपने घर के लिए निकले। लॉकडाउन में लाख दर्द मिलने के बाद भी इन मजदूरों का हौसला कम नहीं हुआ वह अपने घर के लिए चलते रहे। ऐसे ही देश भर में मजदूर तमाम कठिनाइयों का सामना करके अपने घरों की ओर जा रहे हैं।

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